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पहले छह महीने तक किसी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठमाठका दूध सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦ होता है। लेकिन सिरà¥à¤« इतना ही काफी नहीं है। जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ 4 महीने का हो जाà¤à¤—ा तो आप उसे ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खिलाना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करें। आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठनà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं;
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को सबसे पहले जिस नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, वह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है। हमारे शरीर के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ अनिवारà¥à¤¯ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है या यह à¤à¤• मूल खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ माना जाता है, इसका à¤à¤• कारण है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ शारीरिक विकास और मांसपेशियों व टिशà¥à¤¯à¥‚ को ठीक करने में मदद करता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इसकी आवशà¥à¤¯à¤•ता इसलिठहोती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस आयॠमें उनका विकास तेजी से होता है।
दूसरा आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ आयरन है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के लिठबेहतरीन होता है। à¤à¤• नवजात शिशॠमें परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन होता है जो बचà¥à¤šà¥‡ में लगà¤à¤— 4 महीने तक बना रहता है। उसके बाद आपको आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में पूरी करनी होती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ जरूरी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास और संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास के लिठजरूरी है।
4 से 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है, यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दाà¤à¤¤ और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने में मदद करता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रोजाना कम से कम 500 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® देना जरूरी है। माठके दूध और फारà¥à¤®à¥‚ला दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। बचà¥à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दाà¤à¤¤à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® देना शà¥à¤°à¥‚ करें।
विटामिन à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• होते हैं, बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ और अचà¥à¤›à¥€ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ के लिठविटामिन ‘à¤â€™ और ‘सी’ जरूरी होता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मेटाबॉलिजà¥à¤® और इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठविटामिन ‘बी’ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। विटामिन ‘डी’ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और विटामिन ‘ई’ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के लिठबेहतरीन माना जाता है। विटामिन ‘के’ बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग को रोकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकम से कम 3 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® जिंक à¤à¥€ जरूरी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सफेद रंग की बà¥à¤²à¤¡ सेल को बनाने में मदद करता है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करते हैं।
आपके बचà¥à¤šà¥‡ का पेट अà¤à¥€ बहà¥à¤¤ छोटा सा है। इसका मतलब है कि आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार देने की शà¥à¤°à¥‚आत थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में और धीरे करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। 4-6 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ दिठजा सकते हैं, आइठजानें;
केला – केला सिरà¥à¤« सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ ही नहीं होता है बलà¥à¤•ि यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• बेहतरीन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ है। वासà¥à¤¤à¤µ में यह फल बहà¥à¤¤ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और सरलता से मैश किया जा सकता है। केले में पोटैशियम à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ मिनरल है।
चावल – चावल à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है। इसे अचà¥à¤›à¥‡ से उबालें, पूरा पकने के बाद इसे मैश करें और दूध में मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को दें।
ओटमील – आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को चावल की तरह ही दूध में ओटà¥à¤¸ मिलाकर à¤à¥€ दे सकती हैं। ओटà¥à¤¸ में फाइबर और मिनरल की मातà¥à¤°à¤¾ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है।
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो – केला की तरह ही à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो à¤à¥€ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® होता है और इसे सरलता से मसला जा सकता है। यह फल विटामिन और मिनरल से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है।
सेब – आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सेब à¤à¥€ दे सकती हैं। सेब को पहले अचà¥à¤›à¥€ तरह से छील कर काटें और बीज निकाल लें। यदि आप छिलके को नहीं हटाना चाहती है तो सेब को अचà¥à¤›à¥€ तरह पीस लें और बचà¥à¤šà¥‡ को दें।
गाजर – गाजर को उबालें और इसे मैश करके अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें। हो सकता है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¾à¤¦ उतना पसंद न आà¤, लेकिन यह उसके लिठà¤à¤• बेहतरीन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है।
मटर – हरे मटर को उबाल कर मैश किया जा सकता है। इसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दे सकती हैं।
आलू – उबले हà¥à¤ आलू में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी नमक मिलाकर मैश कर लें और अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें। इसमें कारà¥à¤¬à¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को पसंद आà¤à¤—ी।
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ ऊरà¥à¤œà¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है इसलिठयह पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
कà¥à¤¯à¤¾ 4-6 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं?
बचà¥à¤šà¤¾ 4 महीने की आयॠका होने तक ठोस आहार को पचाने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होता है इसलिठजब आपका बचà¥à¤šà¤¾ 4 महीने का हो जाठतो आप उसे अरà¥à¤§-ठोस आहार (सेमी-सॉलिड फूड) और थोड़ा-थोड़ा ठोस आहार (सॉलिड फूड) खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं।
सबसे पहले देखें कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ अपने सिर को सहारा देकर उसे सीधा रखने में सकà¥à¤·à¤® हà¥à¤† है या नहीं। फिर जब आप उसे बैठाना शà¥à¤°à¥‚ करती हैं तो वह बिना सहारे के उस पोजीशन पर बैठने में सकà¥à¤·à¤® होना चाहिà¤à¥¤ यदि अà¤à¥€ आपके बचà¥à¤šà¥‡ का वजन जनà¥à¤® से दोगà¥à¤¨à¤¾ है तो उसे ठोस आहार खिलाने का यह बिलकà¥à¤² सही समय है। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ खाने को मà¥à¤‚ह के बाहर निकालने के बजाय अंदर लेता है तो यह à¤à¥€ à¤à¤• संकेत है कि आप उसे ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं।
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